डेस्क: शहर के कर्पूरी चौक के व्यवसायी सुमन कुमार सिटू की 30 वर्षीय पत्नी काजल कुमारी रोजी ने शुक्रवार की रात घरेलू विवाद में आत्महत्या कर ली. सूचना मिलने के साथ ही शहर के वार्ड संख्या 12 की काजल के पिता पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने तत्काल मृतका के पति सुमन कुमार सिटू को हिरासत में ले लिया. पिता दयानंद सिंह का आरोप है कि उनकी पुत्री ने आत्महत्या नहीं की है। ससुराल वालों ने मिलकर उसकी हत्या की है. काजल की शादी आठ वर्ष पूर्व कर्पूरी चौक के व्यवसायी सुमन कुमार सिटू के साथ हुई थी. व्यवसायी के परिवारवालों का कहना है कि शादी के बाद से ही सुमन की पति सहित परिवार के लोगों से बराबर विवाद होता था.
शुक्रवार की रात सभी नीचे दुकान में थे. इसी बीच सुमन की पत्नी काजल ने अपने कमरे को अंदर से बंद कर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सूचना मिलने के साथ ही हमलोग दौड़कर ऊपर कमरे में पहुंचकर दरवाजा कमरा खटखटाया, लेकिन दरवाजा नहीं खोलने पर कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर गए. काजल रस्सी के सहारे लटक रही थी. उसकी मौत हो गई थी. तत्काल काजल की मौत की सूचना फोन से आजाद नगर निवासी मैके वालों को दी. जिला मुख्यालय कर्पूरी चौक वार्ड नंबर 21 स्थित हार्डवेयर दुकानदार की पत्नी का पंखे से लटकता हुआ शव मिला है. शव के पास मिले सुसाइड नोट बरामद हुआ है.
इसमें लिखा है, "मैं जो भी कर रही है अपनी मर्जी से कर रही है इसमें उनके पति और घर वालों का कोई जोर जबरदस्ती नहीं है. अगर मुझे कुछ भी होता है तो इसके लिए परिवार वालों को किसी तरह से परेशान ना किया जाय. " शनिवार सुबह जब मायके वालों को महिला की मौत की सूचना मिलते तो वे दंग रह गए. आननफानन में मायके वाले कर्पूरी चौक पर पहुंचे. मायके वालों का आरोप है कि उनकी बेटी को उसके पति और ससुराल वालों ने मारा है. ससुराल वाले लगातार प्रताड़ित करते थे. ससुराल वालों ने ही हत्या की और शव को पंखे से लटका दिया.
साथ फर्जी सुसाइड नोट लिख दिया. इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. सदर थाना अध्यक्ष सुरेश सिंह ने, महिला के पति सुमन सिंह को हिरासत में लिया गया है. कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है. मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है. मृतका के पिता दयानंद सिंह का कहना है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले. ससुराल वालों को कड़ी कार्रवाई करे. उसकी बेटी की जान ससुराल वालों ने ही ली है.
(रिपोर्ट:- मोहन कुमार)
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....








