मधेपुरा: बिहार के एक सौ दसवीं स्थापना दिवस एआईएसएफ बीएनएमयू द्वारा धूम धाम से मनाई गई. इस मौके पर बंगाल से अलग हो राज्य बनने से अब तक के सफर पर प्रकाश डालते संगठन के बीएनएमयू व पीयू प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि बिहार के एक सौ दस साल का सफर अनेकानेक उपलब्धियों से भरा पड़ा है जिससे प्रेरणा लेकर सुंदर व मजबूत भविष्य को साकार रूप दिया जा सकता हैै. बिहार की धरती वैशाली से शुरू लोकतंत्र, उच्च शिक्षा में नालन्दा, अर्थशास्त्र में चाणक्य, रामायण के रचयिता वाल्मीकि, सत्ता से शांति के पर्याय अशोक महान, राष्ट्रकवि दिनकर, पाणिनि, जीरो के आविष्कारक आर्यभट्ट ने समय - समय पर समाज व राष्ट्र का मार्गदर्शन कर बिहार का मान बढ़ाया वहीं दूसरी ओर गौतम बुद्ध, महावीर डॉ राजेंद्र प्रसाद, जय प्रकाश ने विहार से बिहार तक के सफर को यादगार सार्थकता सिद्ध की.
इस मौके पर एआईएसएफ नेता राठौर ने अपील किया कि हर बिहार वासी को बिहार राज्य गीत मेरे भारत के कंठहार ,,,तुझको शत शत वंदन बिहार और राज्य प्रार्थना मेरी रफ़्तार पर सूरज की किरणे नाज करे याद होना चाहिए क्योंकि यह हमारे गौरवशाली अतीत का ज्ञान कराते हुए हमें कर्तव्य बोध भी कराता है. वहीं सभी राज्य प्रतीकों के संरक्षण व संवर्धन को भी संकल्पित रहना चाहिए क्योंकि यह हमारी पहचान है. बिहार दिवस की सबको बधाई देते राठौर ने हर सकारात्मक क्षेत्रों में बिहार को भारत स्तर पर अग्रिम पंक्ति में ले जाने हेतु संयुक्त योजनाबद्ध पहल की मांग की. इस अवसर पर नैना, नेहा, प्रीति, अंशु, सत्यम, धर्मेन्द्र, अनिश, जितेंद्र, सूरज, पार्वती आदि उपस्थित रहे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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