बेगूसराय: सदर प्रखंड क्षेत्र स्थित खम्हार पंचायत में नवयुवक संघ खम्हार द्वारा आयोजित 11 दिवसीय चैती दुर्गा पूजा सह मेला आयोजन के 10वें दिन सोमवार की देर संध्या मंदिर परिसर में मौजूद रंगमंच पर "नाटक उजली नगरी चतुर राजा" का भव्य नाट्य मंचन किया. उक्त नाट्य मंचन प्रसिद्ध रचनाकार मन्नू भंडारी कृत हास्य और व्यंग्य व गीत-संगीत से सराबोर नाटक "उजली नगरी चतुर राजा" का सफ़ल नाट्य मंचन ज़िले की चर्चित रंग-संस्था न्यू एज थिएटर वर्कशॉप एंड रेपर्टरी (नटवर) बेगुसराय के द्वारा किया गया. जिसका निर्देशन सह परिकल्पना जिले के वरिष्ठ रंग-निर्देशक अवधेश ने किया. विदूषकीय शैली में प्रस्तुत व्यंग्यात्मक नाटक "उजली नगरी चतुर राजा" वर्तमान सत्ता और व्यवस्था में गहरे तक पैठ चुके भ्रष्टाचार व सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जन-आक्रोश को स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त करता है.
यह रचना भारतेन्दु हरिश्चंद्र कृत नाटक अंधेर नगरी चौपट राजा से प्रेरित होकर लिखा गया। लोकतंत्र की मूल ताकत को दर्शाता यह नाटक चुनाव, महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, सामाजिक असुरक्षा आदि समसामयिक मुद्दों सहित परिवारवादी चतुर राजा के कुटिल चरित्रों को दर्शाता हुआ वर्तमान सत्ता-व्यवस्था पर करारा व्यंग्य करता है. नाटक के मुख्यपात्र राजा की भूमिका में युवा रंगकर्मी सिकन्दर कुमार शर्मा व कथा सुनन्तु एक, नगर-मंत्री व फरियादी एक की भूमिका में हरिकिशोर ठाकुर एवं कथा सुनन्तु दो, फरियादी दो व खजांची की भूमिका में रंजन कुमार और स्वामीजी व बिजली मालिक के किरदार में नवीन कुमार ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को ख़ूब आनंदित किया. वहीं चर्चित युवा अभिनेता सचिन कुमार ने सूत्रधार व बड़ा मंत्री, तथा छोटे मंत्री की भूमिका में दिलीप कुमार और युवा अभिनेत्री अंकिता सिन्हा ने महिला फरियादी व प्रधान सचिव की प्रभावशाली भूमिका अदा कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
साथ ही नाटक का मुख्य केंद्र क्रांतिकारी नायक खोजी की भूमिका सक्रिय युवा रंगकर्मी अमरेश कुमार के जीवंत अभिनय को दर्शकों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की. चूहे का सरदार, सन्तरी एक की भूमिका में नितेश कुमार, तथा सन्तरी दो की भूमिका भिखारी राम और हिम्मती व कोतवाल की भूमिका में सौरभ कुमार ने भी अपने उत्कृष्ट अभिनय से श्रोताओं को ख़ूब मनोरंजित किया. नाटक में अत्यधिक छोटे-छोटे पात्र होने के कारण एक-एक अभिनेता कई चरित्रों को एक साथ जीवंत कर नाट्य-प्रस्तुति की सौन्दर्यता को गति प्रदान कर नाटक को काफ़ी आकर्षक बना दिया. नाटक में शामिल अभिनेताओं का कॉस्ट्यूम डिजाइन प्रसिद्ध चित्रकार सीताराम आर्टिस्ट ने किया तथा सभी कलाकारों का रूप सज्जा व मुख-सज्जा सीताराम आर्टिस्ट, अवधेश और हरिकिशोर ठाकुर ने किया.
संगीत निर्देशन राजेश साह व संगीत सहयोग में नालवादक नंदकिशोर मालाकार और नवल कुमार एवं अमरेश कुमार ने मंचित नाटक में मधुर गीत-संगीत के साथ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए. नाटक में प्रकाश परिकल्पना सचिन ने किया तथा मंच-व्यवस्था कमल किशोर और फ़ोटोग्राफ़ी अभिनीत रौशन (रौशन कुमार) ने किया. चैती दुर्गा पूजा सह मेला के अवसर पर सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लेने आये मौजूद हज़ारों दर्शकों की इकट्ठी भीड़ ने नाट्य-मंचन "उजली नगरी चतुर राजा" की सफ़ल प्रस्तुति से काफ़ी प्रभावित होकर तमाम अभिनेताओं सहित निर्देशक अवधेश का ख़ूब सराहना किये. देर रात तक नाटक सहित गीत-संगीत व नृत्य के साथ बरकरार पूरे कार्यक्रम का लोगों ने जमकर आनंद उठाया. कार्यक्रम में मंच-संचालन कलाप्रेमी विनय कुमार ने किया.
प्रस्तुति पूर्व ससमय उपस्थित आगन्तुक मुख्य अतिथिगण शिक्षाविद प्रो. राजेन्द्र प्रसाद सिंह, सिने अभिनेता सुधीर कुमार, सौरभ कुमार, साकेत कुमार और नाट्य निर्देशक अवधेश ने समिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घटान किए. पूरे आयोजन को सफल बनाने में पूर्व पंचायत समिति सदस्य संदीप कुमार, संजीव कुमार (CRPF) व कर्मठ कार्यकर्ता अमित, राहुल, गौरव, रजनीश, वैभव आदि सहित पूरे आयोजन समिति सदस्य का विशेष योगदान रहा.
(रिपोर्ट:- अमरेश अमन)
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