विभाग के गलती से दस साल बाद राष्ट्रीय महोत्सव में भाग लेने से वंचित हुआ मधेपुरा - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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11 जनवरी 2023

विभाग के गलती से दस साल बाद राष्ट्रीय महोत्सव में भाग लेने से वंचित हुआ मधेपुरा

मधेपुरा: मुजफ्फरपुर में आठ नौ जनवरी को आयोजित राज्य युवा महोत्सव में हारमोनियम वादन में प्रथम स्थान प्राप्त आलोक को सरकार द्वारा विवेकानंद की जयंती पर कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में नहीं भेजे जाने का मामला लगातार तुल पकड़ता जा रहा है. एक तरफ जहां कलाकारों द्वारा विभिन्न स्तरों पर इसको लेकर लगातार नाराजगी जताई जा रही है वहीं वाम युवा संगठन एआईवाईएफ के जिला अध्यक्ष हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने इसको लेकर मुख्यमंत्री व कला संस्कृति मंत्री को पत्र लिख इसे न सिर्फ आयोजन समिति की कमी बताया बल्कि कलाकारों के प्रतिभा की हत्या करार दिया. लिखे पत्र में राठौर ने कहा कि विगत आठ, नौ जनवरी को मुजफ्फरपुर में आयोजित राज्य युवा महोत्सव में नियमों की धज्जियां उड़ा कर रख दी गई. 

महोत्सव में शामिल पंद्रह विधाओं में से आठ विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त कलाकार को कर्नाटक में विवेकानंद की जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग दिलाना था. लेकिन लचर व्यवस्था व नियमों के पालन नहीं होने के साथ साथ समय नहीं होने के कारण आनन फानन में मात्र दो विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त कलाकारों को राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने भेजा गया. यह पूरी तरह से दूरदर्शिता के अभाव होने के कारण हुआ क्योंकि राष्ट्रीय महोत्सव की तारीख फिक्स है स्वामी विवेकानंद की जयंती, इस लिए इसको ध्यान में रखते हुए ही राज्य युवा महोत्सव की तारीख तय करनी चाहिए थी जिससे यह फजीहत न उठानी पड़ती.

जिला अध्यक्ष व मधेपुरा को राष्ट्रीय युवा महोत्सव में एकमात्र सफलता दिलाने वाले राठौर ने बिहार सरकार के कला संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी महोत्सव के नियमावली का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय महोत्सव में शामिल विधा होने के बाद भी हारमोनियम में प्रथम स्थान प्राप्त आलोक कुमार आयोजन समिति को नियमों के पूर्ण ज्ञान नहीं होने के कारण राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने से वंचित कर दिया गया जो दुखद है. इसके कारण मधेपुरा के आलोक सहित अन्य विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागी राष्ट्रीय मंच पर बिहार को गौरवान्वित करने से वंचित हो गए जो दुखद ही नहीं बल्कि एक ऐसी घटना है जिसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है. 

राठौर ने कहा कि अगर नियमों का होता पालन तो राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने का दस साल का सूखा ही खत्म नहीं होता बल्कि आलोक को राष्ट्रीय मंच पर बिहार को नेतृत्व करने का सुअवसर मिलता. इस मामले में अविलंब संज्ञान लेते हुए दोषियों पर कारवाई की मांग करते हुए राठौर ने कहा कि भविष्य के लिए ऐसी योजना तैयार हो कि निकट भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो. 

(रिपोर्ट:- ईमेल)
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