मधेपुरा: भारतीय राजनीति में लगभग आधी शताब्दी तक संसद के दोनों सदनों के सदस्य रहे, केंद्रीय मंत्री रहे, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अटल बिहारी वाजपेयी सरीखे प्रधानमंत्री के कार्यकाल में एनडीए के संयोजक रह चुके व सर्वोत्तम पार्लियामेंटेरियन की खिताब जीतने वाले राजनेता शरद यादव के निधन पर उनके करीबी समाजसेवी- साहित्यकार व उनके इलेक्शन एजेंट रह चुके डॉ. भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी बताते हैं. चुनाव प्रचार के दौरान शरद जी लोगों से कहा करते थे कि मेरी जय जयकार मत करो. अगर जय करना है तो गांधी-लोहिया-जयप्रकाश की जय करो.
भूपेन्द्र, भीम, कर्पूरी सरीखे बड़े लोगों की जय करो तभी समाज बदलेगा, तभी समाज मजबूत होगा और समाज विकसित व संस्कारित होगा. डॉ. मधेपुरी ने यह भी कहा कि सामाजिक न्याय के मंडल रथ पर सवार होकर मधेपुरा से भारत भ्रमण पर निकले शरद यादव ही थे जिन्होंने प्रधानमंत्री वीपी सिंह के कार्यकाल में मंडल रिपोर्ट लागू कराकर संविधान की रक्षा की और सामाजिक व शैक्षिक रूप से पिछड़े सभी धर्मों एवं 7343 जातियों को आरक्षण का लाभ दिलाने का काम किया. जिसके लिए उन्हें अनेकानेक यातनाएं सहनी पड़ी.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....









