मधेपुरा: सदर अस्पताल में कार्यरत दो दर्जन से अधिक डॉक्टरो पर सिविल सर्जन ने देशद्रोह का आरोप लगाते हुए लेटर जारी किया है. सिविल सर्जन डॉक्टर मिथिलेश कुमार ठाकुर ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के मौके पर सदर अस्पताल में 35 डॉक्टर झंडोत्तोलन में कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए थे. झंडोत्तोलन के दौरान डॉक्टर सचिन कुमार एवं डॉक्टर यश शर्मा ही उपस्थित हुए थे, जबकि अन्य सारे डॉक्टर उपस्थित नहीं हुए. सिविल सर्जन ने अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर फूल कुमार को लेटर जारी कर उक्त सभी डॉक्टरो से झंडोत्तोलन में उपस्थित नहीं होने का कारण पूछने को कहा. सिविल सर्जन ने कहा है कि चिकित्सकों की अनुपस्थिति दर्शाती है कि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया है.
यह देशद्रोह की श्रेणी में आता है. पहले से निर्धारित राष्ट्रीय ध्वजारोहण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं होना, तिरंगे को सलामी नहीं देना यह गंभीर चिंता का विषय है. सिविल सर्जन ने 2 दिन के अंदर सदर अस्पताल उपाधीक्षक को जवाब देने को कहा है. गौरतलब हो कि सदर अस्पताल मधेपुरा में 37 चिकित्सक कार्यरत हैं. जिनमें से मात्र दो चिकित्सक ही 75 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित झंडोत्तोलन में शामिल हुए. बाकी डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए. अब देखना बड़ा ही दिलचस्प होगा कि सदर अस्पताल उपाधीक्षक इस मामले में सिविल सर्जन को क्या जवाब देते हैं? राष्ट्रीय पर्व में उपस्थित नहीं होने वाले डॉक्टरो पर क्या कार्रवाई करनी चाहिए अपनी राय दें....?
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....









