मुरलीगंज: भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा की अंगीभूत इकाई केपी कॉलेज, मुरलीगंज में अंतर महाविद्यालय वॉलीबॉल प्रतियोगिता 2024-25 के दूसरे और अंतिम दिन पुरुष वर्ग के फाइनल में केपी कॉलेज, मुरलीगंज ने बीएसएस कॉलेज, सुपौल को हरा दिया. बारिश की वजह से फाइनल देर से शुरू हुआ. पहले और दूसरे सेट के बाद दोनों टीम बराबरी पर थी लेकिन अंतिम सेट जीतकर केपी कॉलेज, मुरलीगंज ने खिताब पर कब्जा जमाया. बीएसएस कॉलेज के खिलाड़ी सौरभ ने स्तरीय खेल दिखाया लेकिन टीम को जिताने में असफल रहे. इससे पहले शनिवार की सुबह पहला मैच बी एस एस कॉलेज, सुपौल बनाम एसएनएसआरकेएस कॉलेज, सहरसा के बीच खेला गया जिसे बीएसएस कॉलेज की टीम ने 2-1 से जीत लिया. दूसरे मैच में टी पी कॉलेज, मधेपुरा ने आरएम कॉलेज, सहरसा को 25-18 और 25-20 के अंतर से हरा दिया. क्वाटरफाइनल में केपी कॉलेज, मुरलीगंज ने 25-16 और 25-14 से टीपी कॉलेज, मधेपुरा को हराया. उसके बाद पहले सेमीफाइनल में बीएसएस कॉलेज, सुपौल ने एकतरफा मुकाबले में 25-11और 25-15 के अंतर से बीएनएमवी कॉलेज, साहुगढ़ को हरा फाइनल में पहुँची। दूसरे सेमीफाइनल में केपी कॉलेज, मुरलीगंज और एमएलटी कॉलेज, सहरसा में संघर्षपूर्ण मुकाबला हुआ लेकिन 25-20 और 25-21 से केपी कॉलेज विजयी रही. महिला वर्ग के फाइनल में एसएनएसआरकेएस कॉलेज, सहरसा ने 15-4 और 15-6 के बड़े अंतर से पार्वती साइंस कॉलेज, मधेपुरा को हरा कर खिताब पर कब्जा किया. क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद् के निदेशक डॉ. मो. अबुल फज़ल, क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद् के संयुक्त सचिव डॉ. जैनेन्द्र कुमार और केपी कॉलेज, मुरलीगंज के प्रधानाचार्य डॉ. जवाहर पासवान ने विजेता और उपविजेता टीम को पुरस्कृत किया. विजेता और उपविजेता दोनों टीम को खेल का शानदार प्रदर्शन के लिए कप, मैडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद् के निदेशक डॉ. मो. अबुल फज़ल ने कहा कि सबको मिलकर प्रयास करना होगा तभी हमारा विश्वविद्यालय खेल के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन कर पाएगा. क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद् के संयुक्त सचिव डॉ. जैनेन्द्र कुमार ने कहा कि खेल सिर्फ खेल नहीं है बल्कि जीवन जीने की एक कला भी है. साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को खेल के लिए प्रोत्साहित करने का अनुरोध किया.
प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में प्रतियोगिता के आयोजन के महत्व को उजागर किया और विद्यार्थियों को खेलों में सक्रिय भागीदारी की प्रेरणा दी. उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से न केवल खेल क्षमता का विकास होता है, बल्कि टीम वर्क और नेतृत्व की क्षमताएं भी मजबूत होती हैं. मैच के दौरान चयन समिति के सदस्य डॉ कृष्णा चौधरी, डॉ.अनवारुल हक और श्री चंद्रशेखर अधिकारी मौजूद रहे. निर्णायक की भूमिका राजकुमार, नीतीश और पंकज ने निभाई जबकि स्कोर बोर्ड पर सुमित सक्रिय रहे. कमेंटटर सुशील ने सधी भाषा में कमेंट्री के साथ दर्शकों को खेल से बांधे रखा. समारोह में सभी चयनकर्ता, रेफरी, स्कोरर, कमेंटेटर और लाइनमैन को महाविद्यालय की तरफ से सम्मानित किया गया.
इस अवसर पर आयोजन समिति से जुड़े अर्थपाल प्रतीक कुमार, महाविद्यालय के क्रीड़ा पदाधिकारी डॉ. मो. अली अहमद मंसूरी, डॉ. अमरेंद्र कुमार, डॉ, सज्जाद अख्तर, डॉ. रामनरेश पासवान, डॉ.चंद्रशेखर आजाद, डॉ. संगीता सिन्हा, डॉ. शिवा शर्मा, डॉ.विजय पटेल, उदित मंडल, प्रशाखा पदाधिकारी कुमार राजन, रूद्र किंकर, लेखापाल देवाशीष, राजकुमार यादव, प्रिय रंजन, भानु, इन्द्रभूषण, प्रेम, नेहरू चौधरी सहित अन्य शिक्षकगण, पीटीआई, छात्र-छात्राएं और स्थानीय दर्शक भी मौजूद थे, जिन्होंने प्रतियोगिता का आनंद लिया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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