मधेपुरा: संयुक्त संघर्ष मोर्चा के छात्र प्रतिनिधियों ने बुधवार को ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय परिसर में प्रेसवार्ता किया. छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय में व्याप्त अराजकता, भ्रष्टाचार, तानाशाही व महिला उत्पीड़न के आरोपी परीक्षा नियंत्रक डॉ शंकर कुमार मिश्र के खिलाफ छात्र व अभिभावकों के नाम खुला पत्र जारी कर आंदोलन के लिए गोलबंद किया जायेगा. एनएसयूआई जिलाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा की बीएनएमयू में अराजकता का माहौल है. बीएनएमयू प्रशासन कि तानाशाही चरम पर है. छात्रों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को खत्म किया जा रहा है. महिला उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप में आरोपियों को पदाधिकारी बनाकर सम्मानित किया जा रहा हैै. छात्राओं के सुरक्षा और सम्मान के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन खिलवाड़ कर रहा है.
उन्होंने कहा की कुव्यवथा और अराजकता पर सवाल उठाने वाले छात्रों को चिन्हित कर निलंबित किया जाता है. छात्रों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ हम बर्दाश्त नहीं करेंगेे. उन्होंने कहा अब यह लड़ाई विश्वविद्यालय को बचाने की बन गई है, यह लड़ाई केवल छात्र संगठन का नही बल्कि यहां के तमाम छात्र, छात्राओं और अभिभावकों की है. संयुक्त संघर्ष मोर्चा खुला पत्र जारी कर विश्वविद्यालय में व्याप्त अराजकता के मुद्दे को यहां के छात्रों और अभिभावकों के बीच लेकर जाएंगे. अब यहां के छात्र और अभिभावक ही तय करेंगे की बीएनएमयू में कैसी व्यवस्था होगी.छात्र राजद जिलाध्यक्ष निखिल यादव ने कहा की बीएनएमयू प्रशासन ने आठ छात्रों का निलंबित कर अपनी तानाशाही का परिचय दिया है. यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास है. जिसे हमलोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. महिला उत्पीड़न के आरोपी परीक्षा नियंत्रक को हटाने और छात्रों के निलंबन को वापस लेने तक संघर्ष जारी रहेगा. एआईएसएफ जिलाध्यक्ष वसीमुद्दीन उर्फ नन्हे ने कहा की विश्वविद्यालय की स्थापना कोसी जैसे पिछड़े इलाके के बच्चो को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए हुआ था लेकिन यह भ्रष्ट पदाधिकारियों का चारागाह बन गया है. छात्रों का शोषण बड़े पैमाने पर होता है. पठन - पाठन जैसा कोई माहौल नहीं रह गया है. परिसर में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है. विश्वविद्यालय में व्याप्त अराजकता और भ्रष्टाचार पर बड़ी लड़ाई लड़ी जाएगी. बीएनएमयू प्रशासन के धमकियों से हमलोग डरने वाले नही है.
आइसा जिला सचिव पावेल कुमार व आरवाईए जिला संयोजक कृष्णा कुमार ने कहा कि बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों को पदाधिकारी बनाकर क्या साबित करना चाहती है विश्वविद्यालय प्रशासन। सरकार के लोग मूकदर्शक बने हुए है. इससे साफ प्रतीत होता है की यह सब सरकार के संरक्षण में हो रहा है. विश्वविद्यालय में तानाशाही और भ्रष्टाचार चरम पर है. छात्रों के समस्याओं के प्रति विवि प्रशासन संवेदनहीन बनी हुई है. छात्र त्राहिमाम है लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है. प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से एनएसयूआई जिला सचिव सोनू कुमार, घैलाढ प्रखंड संयोजक अमरेश कुमार, आइसा जिला संयोजक सन्नी कुमार आदि उपस्थित थे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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