मधेपुरा: शनिवार को जन नायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज की कुव्यवस्था एवं सृजित पद के विरुद्ध 30 प्रतिशत से कम चिकित्सकों के पदस्थापित रहने से स्वस्थ्य सेवा प्रभावित रहने को लेकर सिविल सोसाइटी के शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी तरणजोत सिंह से मिलकर ज्ञापन सौंपा. प्रधान सचिव के नाम संबोधित पत्र जिलाधिकारी को सिविल सोसाइटी के शिष्टमंडल द्वारा सौंपा गया. सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया हैं कि मधेपुरा के जन नायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की भारी कमी है. चिकत्सकों के कुल सृजित 232 पद के विरुद्ध मात्र 62 चिकित्सक ही पदस्थापित है. पदस्थापित 62 चिकित्सकों में से प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर मात्र 24 ही है. कॉलेज मे अध्ययनरत बच्चो की पढाई के साथ मरीजों के इलाज इन्ही के जिम्मे रहती है.
इस वजह से न सिर्फ मरीजों के जीवन से खिलवाड है बल्कि मेडिकल कॉलेज मे पढ़ रहे छात्रों के जीवन से भी खिलवाड है. वही कुल चिकित्सकों के सृजित पदों के विरुद्ध पदस्थापन की अगर बात की जाय तो प्रोफेसर के स्वीकृत 24 पदों के विरुद्ध मात्र 4 ही पदस्थापित है. इसी प्रकार एसोसिएट प्रोफेसर के स्वीकृत 43 के विरुद्ध 10 एवं असिसटेंट प्रोफेसर के स्वीकृत 76 पद के विरुद्ध भी महज 10 ही पदस्थापित है. वही सीनियर रेजिडेंट के स्वीकृत 58 पद के विरुद्ध 26 एवं ट्यूटर के स्वीकृत 32 पद के विरुद्ध मात्र 10 पदस्थापित है. मांग पत्र में बताया गया है कि उक्त आंकड़ो से सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि मेडिकल कॉलेज मे किस तरह का इलाज मरीजों को मिल रहा हैं और किस प्रकार की शिक्षा मेडिकल कॉलेज में पढाई कर रहे भविष्य के चिकित्सकों को मिल रही होगी.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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