मधेपुरा: विगत एक महीने की अंदर में जिले में बढ़ी पदाधिकारियों की मनमानी और आचरण दहशत उत्पन करने वाली प्रतीत हो रही है. जिस प्रशासन का काम कानून व्यवस्था को बहाल करना है वहीं इसे तोड़ने पर आमादा प्रतीत होता है. इसको लेकर वाम युवा संगठन एआईवाईएफ के जिला अध्यक्ष हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिख शिकायत ही नहीं की है बल्कि उचित कारवाई की भी मांग की है. मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में वाम युवा नेता हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि मधेपुरा मूलतः एक ऐसा शांत और राजनीतिक रूप से सक्रिय जिला है जहां के प्रशासन और पब्लिक के आपसी सामंजस्य की मिसाल दी जाती है वहां विगत एक महीने के अंदर लगातार घटी तीन घटनाएं भय बनाने वाली साबित हो रही हैं और प्रशासन को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं. राठौर ने उक्त घटनाओं का हवाला देते हुए लिखा है कि इसमें बीच सड़क पर ट्रैफिक पुलिस पदाधिकारी द्वारा बाइक सवार को पीटने, सदर एसडीओ द्वारा बीच सड़क पर पत्रकार से उलझना, धमकी देना और दो दिन पहले एडीएम द्वारा खिलाड़ी को पीटकर जख्मी करने का वीडियो सोशल मीडिया ही नहीं बल्कि सभी समाचार पत्रों और न्यूज चैनलों पर चर्चा में है. इससे प्रशासन पर सवाल खड़े होने लगे हैं. पदाधिकारियों की हरकत ऐसी लगती है मानों मानसिक संतुलन सही नहीं है. ऐसे पदाधिकारियों को प्रशासन में रखने के बजाय उचित इलाज की जरूरत है. अगर इस पर अविलंब विराम नहीं लगा तो विपरीत प्रतिक्रिया के रूप में ऐसे पदाधिकारियों के खिलाफ आंदोलन अथवा जवाबी कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता. पदाधिकारियों को यह स्मरण रखने की जरूरत है कि वो सेवक हैं मालिक नहीं. एआईवाईएफ जिला अध्यक्ष हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इसको गंभीरता से लेंगे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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