डेस्क: मधेपुरा में शुरू हुआ यह अभियान अब एक सशक्त स्वास्थ्य जनआंदोलन का रूप लेता दिख रहा है, जो न केवल लोगों को इलाज उपलब्ध करा रहा है, बल्कि उन्हें स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है. आने वाले समय में इस तरह के प्रयास स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएंगे. इसी दौरान जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड के झलाड़ी स्थित NH-106 के समीप रविवार को आयोजित निःशुल्क आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा परामर्श शिविर ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की. श्री जीवन अमृत आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर का उद्घाटन स्थानीय मुखिया मधुमाला देवी, समाजसेवी सुभाष चंद्र एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. एस. एन. कुमार द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया. उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र में सस्ती, सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के संकल्प को मजबूती मिली. सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों की भीड़ उमड़ी. शिविर में पेट रोग, डायबिटीज, किडनी स्टोन, लीवर रोग, चर्म रोग, वात रोग, छाती से संबंधित बीमारियां एवं अन्य जटिल और पुराने रोगों के लिए निःशुल्क परामर्श दिया गया। मरीजों को न केवल चिकित्सकीय सलाह दी गई, बल्कि आवश्यक जांच एवं दवाइयों पर विशेष छूट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिससे कम खर्च में बेहतर इलाज संभव हो सके. इस अवसर पर डॉ. एस. एन. कुमार ने कहा कि यह पहल केवल एक चिकित्सा शिविर नहीं, बल्कि एक व्यापक जनआंदोलन है, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सही और स्थायी उपचार पहुंचाना है. उन्होंने बताया कि आज के समय में अधिकांश उपचार केवल लक्षणों को दबाने तक सीमित रह गया है, जबकि आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा रोग की जड़ को समाप्त कर शरीर को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ बनाने पर जोर देती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नियमित रूप से ऐसे शिविरों का लाभ उठाएं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं. आयोजकों ने बताया कि यह अभियान हर रविवार अलग-अलग क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर लोगों को जागरूक करने का है. इस मिशन का मुख्य उद्देश्य लोगों को बार-बार होने वाली बीमारियों से स्थायी मुक्ति दिलाना, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्राकृतिक रूप से मजबूत करना तथा बिना साइड इफेक्ट के सुरक्षित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराना है. साथ ही, समाज को दवा निर्भरता से मुक्त कर प्राकृतिक जीवनशैली की ओर प्रेरित करना भी इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य है. उद्घाटन समारोह के दौरान मुखिया श्रीमती मधुमाला देवी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के शिविर लोगों के लिए बेहद लाभकारी हैं, जहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित होती हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास से लोगों को घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा मिल रही है. वहीं समाजसेवी सुभाष चंद्र ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताते हुए कहा कि इससे लोगों में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है. शिविर में पहुंचे मरीजों ने निःशुल्क परामर्श, सहज उपचार व्यवस्था एवं चिकित्सकों के व्यवहार की सराहना की. कई मरीजों ने बताया कि लंबे समय से परेशान रहने के बावजूद उन्हें यहां संतोषजनक मार्गदर्शन मिला. आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय प्रबंधक कुमार पुष्प राज उर्फ बंटी राज, संस्थान के प्रबंधक विवेक कुमार, रविराज, विनीत कुमार, ब्रजेश कुमार हरिओम कुमार, मिथलेश कुमार, श्रवण कुमार सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. ज्ञात हो कि शहर के पश्चिमी बाईपास रोड, न्यू बस स्टैंड के समीप स्थित श्री जीवन अमृत आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र आज क्षेत्र में भरोसे का केंद्र बनता जा रहा है. यहां डॉ. एस. एन. कुमार द्वारा आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से पुराने एवं जटिल रोगों का सुरक्षित, प्रभावी और किफायती उपचार किया जा रहा है. लीवर, किडनी, डायबिटीज, जोड़ों का दर्द, चर्म रोग एवं महिला रोगों के मरीजों के लिए यह केंद्र एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभर रहा है. बिना साइड इफेक्ट के इलाज, व्यक्तिगत परामर्श और प्राकृतिक पद्धति पर आधारित उपचार के कारण लोगों का रुझान तेजी से इस केंद्र की ओर बढ़ रहा है.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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