ग्वालपाड़ा: मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड स्थित पंचायत सरकार भवन में मंगलवार को "सहयोग शिविर में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण एवं वित्तीय समावेशन" कार्यक्रम का आयोजन किया गया. शिविर ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक उत्थान और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का प्रभावी मंच बनकर उभरा. कार्यक्रम का शुभारंभ जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती शीला मंडल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, सामाजिक जागरूकता और जीविका से जुड़ी महिलाओं के कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई. जीविका दीदियों के उल्लेखनीय योगदान की सराहना भी की गई. कार्यक्रम के मुख्य बिंदु में प्रभारी मंत्री शीला मंडल, जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन और जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका नील कमल चौधरी ने मनरेगा के तहत निर्मित जीविका भवन की चाबी "माँ भवानी जीविका महिला ग्राम संगठन" को सौंपकर भवन का औपचारिक हस्तांतरण किया. वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए 60 जीविका स्वयं सहायता समूहों के बीच कुल 88 लाख रुपये का सांकेतिक चेक भी वितरित किया गया. अपने संबोधन में प्रभारी मंत्री शीला मंडल ने कहा कि आज जीविका से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज में बदलाव की नई मिसाल भी पेश कर रही हैं. राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने कहा कि जीविका ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाकर उन्हें नई पहचान दी है. उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें. जिला परियोजना प्रबंधक नील कमल चौधरी ने कहा कि जीविका दीदियाँ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सेतु का काम कर रही हैं. उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका, सामाजिक विकास और महिला नेतृत्व को नई दिशा मिली है. कार्यक्रम में आरक्षी अधीक्षक संदीप कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी उदाकिशुनगंज, प्रखंड परियोजना प्रबंधक विकास कुमार श्रीवास्तव, प्रखंड विकास पदाधिकारी परमानंद पंडित, जीविका के पदाधिकारी, कर्मी तथा बड़ी संख्या में जीविका दीदियाँ और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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