सहरसा: जिले के सलखुआ थाना परिसर में बिना अनुमति वीडियो बनाने, पुलिसकर्मियों से अभद्र व्यवहार करने और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल न करने के बदले कथित रूप से 25 हजार रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में एक यूट्यूबर सहित दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह कार्रवाई सलखुआ थाना में पदस्थापित ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर बिट्टू कुमार के लिखित आवेदन पर की गई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. प्राथमिकी के अनुसार, 4 जुलाई की शाम करीब चार बजे ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर ड्यूटी पूरी कर थाना लौटे थे. इसी दौरान दो युवक उनके पास पहुंचे. उनमें से एक ने अपना नाम खगड़िया जिले के गोगी निवासी बृजेश कुमार यादव बताया और खुद को "न्याय तक न्यूज" नामक यूट्यूब चैनल का संचालक बताया. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बृजेश कुमार यादव ने कहा कि वह थाना परिसर का वीडियो बना चुका है. उसने कथित तौर पर कहा कि यदि उसे "मेहनताना" नहीं दिया गया तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा. पूछताछ के दौरान उसने वीडियो न फैलाने के बदले 25 हजार रुपये की मांग की. जब पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में वरीय अधिकारियों से बात की जाएगी, तो दोनों युवक बाइक से मौके से फरार हो गए. घटना के बाद महिला हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिसकर्मियों तथा चौकीदार योगेन्द्र पासवान से जानकारी ली गई. उन्होंने बताया कि दोनों युवक बिना अनुमति थाना कार्यालय के विभिन्न हिस्सों में घूम-घूमकर वीडियो बना रहे थे. इस दौरान वे पुलिस व्यवस्था को लेकर प्रतिकूल टिप्पणियां भी कर रहे थे. मना करने के बावजूद उन्होंने एक महिला पुलिसकर्मी की इच्छा के विरुद्ध जबरन माइक लगाकर सवाल-जवाब करने का प्रयास किया, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई. पुलिस का कहना है कि किसी वीडियो को हटाने या वायरल नहीं करने के बदले पैसे मांगना रंगदारी की श्रेणी में आता है. इसी आधार पर बृजेश कुमार यादव और उसके एक अज्ञात साथी के विरुद्ध विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
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