मधेपुरा: सामाजिक न्याय के पुरोधा एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बीपी मंडल की 109वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को मधेपुरा में भव्य राजकीय समारोह का आयोजन किया गया. कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय स्थित बीएन मंडल स्टेडियम में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ. कार्यक्रम में जिले के स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा. सांस्कृतिक संध्या में लोक नृत्य, आधुनिक गायन और सूफी संगीत का शानदार संगम देखने को मिला। कार्यक्रम को लेकर बीएन मंडल स्टेडियम में शाम से ही दर्शकों की भीड़ जुटने लगी थी. जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, दर्शकों का उत्साह भी बढ़ता गया. कार्यक्रम की शुरुआत समारोह में पहुंचे अतिथियों के सम्मान के साथ हुई. अतिथियों को पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया. इसके बाद सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक संध्या का विधिवत उद्घाटन किया. दीप प्रज्वलन के साथ ही स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. कार्यक्रम का उद्घाटन विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री शीला मंडल, बिहार विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, डीएम अभिषेक रंजन, डीडीसी अनिल बसाक, जदयू जिलाध्यक्ष मंजू देवी उर्फ गुड्डी देवी, अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह, भू-अर्जन पदाधिकारी अमन कुमार सुमन, प्रख्यात साहित्यकार भूपेंद्र नारायण मधेपुरा और जिला कला-संस्कृति पदाधिकारी आम्रपाली कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया.सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों से हुई. सृजन दर्पण के रंगकर्मी विकास कुमार एवं उनकी टीम ने लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं. कलाकारों की प्रस्तुति में बिहार की लोक संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली. इसके बाद इप्टा के कलाकारों ने नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन किया. मंच पर लगातार एक के बाद एक प्रस्तुतियां होती रहीं और पूरा स्टेडियम सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया. संगीत शिक्षक उमेश राम, मधुबाला भारती और संजीव कुमार ने अपनी गायकी से दर्शकों को खूब आनंदित किया. उनकी प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया. वहीं भागलपुर से आए सूफी बैंड ने अपनी विशेष प्रस्तुति से कार्यक्रम में अलग रंग भर दिया. सूफी संगीत की मधुर धुनों पर दर्शक देर तक झूमते नजर आए. सांस्कृतिक संध्या का सबसे बड़ा आकर्षण इंडियन आइडल फेम गायिका रितिका राज सिंह रहीं. जैसे ही रितिका ने मंच संभाला, पूरा स्टेडियम तालियों और उत्साह से गूंज उठा. दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया. रितिका ने अपनी मधुर आवाज में एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति दी. उनकी गायकी का ऐसा जादू चला कि युवा दर्शकों के साथ-साथ कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोग भी सुर और ताल में झूमते नजर आए. उनके लोकप्रिय गीतों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और कलाकार का उत्साहवर्धन किया. रितिका की प्रस्तुति के दौरान बीएन मंडल स्टेडियम का माहौल पूरी तरह संगीतमय हो गया. लंबे समय तक दर्शक उनके गीतों का आनंद लेते रहे. कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उनकी प्रस्तुति विशेष चर्चा का विषय बनी रही. कार्यक्रम का मंच संचालन संगीत शिक्षिका शशि प्रभा जायसवाल ने किया. उन्होंने अपनी प्रभावी प्रस्तुति और सधे हुए संचालन से कार्यक्रम को पूरे क्रम में बनाए रखा. अलग-अलग कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच उन्होंने दर्शकों को कार्यक्रम से जोड़े रखा. कार्यक्रम को सफल बनाने में सुभाष चंद्र, अरुण कुमार, गायक व समाजसेवी सुनीत साना, अमित कुमार अंशु, मिथुन कुमार गुप्ता सहित अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. आयोजन के दौरान प्रशासनिक पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही. बीपी मंडल की 109वीं जयंती पर आयोजित यह सांस्कृतिक संध्या केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि सामाजिक न्याय के पुरोधा बीपी मंडल को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ मधेपुरा की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं का भव्य प्रदर्शन भी बनी. तय समय तक चली कार्यक्रम में कलाकारों की प्रस्तुतियों का सिलसिला जारी रहा और दर्शक बीएन मंडल स्टेडियम में डटे रहे. कार्यक्रम के समापन तक लोगों में उत्साह बना रहा. आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मधेपुरा की धरती सामाजिक चेतना के साथ-साथ कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी समृद्ध विरासत रखती है.
(रिपोर्ट:- गरिमा उर्विशा)
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