मधेपुरा: बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ, जिला इकाई मधेपुरा की बैठक रविवार को स्थानीय DJPS के प्रांगण में जिलाध्यक्ष संतोष कुमार की अध्यक्षता में हुई. बैठक में जिला कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए संगठन को प्रखंड एवं अनुमंडल स्तर तक मजबूत करने तथा कार्यपालक सहायकों की लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया. बैठक में आगामी 15 दिनों के भीतर प्रखंड एवं अनुमंडल स्तर पर संगठन का विस्तार करने, सभी विभागों में समूह स्वास्थ्य बीमा एवं कॉरपोरेट सैलरी पैकेज लागू करने की मांग को लेकर सरकार को अल्टीमेटम देने का निर्णय लिया गया. कार्यपालक सहायकों को हटाकर आउटसोर्सिंग से सेवा लेने की किसी भी कोशिश का विरोध करने तथा कार्य समीक्षा या वित्तीय बोझ का हवाला देकर हटाने की धमकी को बर्दाश्त नहीं करने की बात कही गई. संघ ने EPF, अवकाश सहित अन्य वैधानिक सुविधाओं में अनियमितता के खिलाफ भी आंदोलन का निर्णय लिया. मानदेय पुनर्निर्धारण को लेकर सरकार एवं मिशन कार्यालय पर आश्वासन के बावजूद ठोस निर्णय नहीं लेने पर संघ ने नाराजगी जताई. जिलाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि 26 अगस्त 2025 की 36वीं शासी परिषद की बैठक में मानदेय पुनर्निर्धारण पर अगली बैठक में प्राथमिकता से विचार का निर्णय हुआ था. छह अक्टूबर 2025 को अपर मुख्य सचिव-सह-मिशन निदेशक, BPSMS के साथ वार्ता में मानदेय वृद्धि का आश्वासन मिला. वहीं 10 दिसंबर 2025 की 37वीं शासी परिषद की बैठक में उच्चस्तरीय समिति गठित कर तीन माह में अनुशंसा देने का निर्णय हुआ था. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, निर्णय चाहिए. अक्टूबर 2026 से राज्य संघ के आह्वान पर जिले के सभी विभागों के कार्यपालक सहायक राज्यव्यापी आंदोलन में शामिल होंगे. आवश्यकता पड़ने पर पटना में व्यापक आंदोलन किया जाएगा. बैठक में रंजीत कुमार डॉन, चंदन कुमार, अमरदीप कुमार, कैलाश राम, प्रकाश कुमार, मनीष राज, सिंटू कुमार सुमन, मुकेश कुमार, उदय कुमार सिंह, संतोष राजभर, हिमांशु कुमार, संगीता कुमारी, मनीषा कुमारी, रत्नेश कुमार पंडित, मिथलेश कुमार सहित अन्य कार्यपालक सहायक उपस्थित थे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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