मधेपुरा: पत्रकारों के साथ लगातार हो रही घटनाओं और उनकी सुरक्षा को लेकर रविवार को जिला मुख्यालय स्थित श्री जीवन अमृत आयुर्वेद क्लीनिक में नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन की आपात बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रमंडलीय सह जिला अध्यक्ष डॉ. सुलेंद्र कुमार ने की. बैठक में पत्रकारों के साथ आए दिन हो रहे दुर्व्यवहार, मारपीट एवं अन्य घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई. वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आम लोगों की समस्याओं और प्रशासनिक गतिविधियों को समाज के सामने लाते हैं. ऐसे में पत्रकारों के साथ होने वाली घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं. बैठक में हाल ही में सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार के साथ हुई कथित मारपीट की घटना का भी उल्लेख किया गया. वहीं, मधेपुरा में भी पत्रकारों के साथ समय-समय पर होने वाली घटनाओं पर चिंता जताते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पत्रकारों की सुरक्षा तथा उनके साथ होने वाली घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की मांग को लेकर जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा.साथ ही, संबंधित घटनाओं में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी. वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों को निर्भीक होकर कार्य करने के लिए सुरक्षित वातावरण मिलना जरूरी है. यदि पत्रकार ही असुरक्षित रहेंगे तो वे स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कैसे कर पाएंगे. बैठक में पत्रकार निरंजन कुमार, श्रीकांत राय, अमित कुमार, डॉ. सविता नंदन कुमार, मोहम्मद मुजाहिद, पवन कुमार आजाद, आरजू अंसारी, संतोष कुमार, संत आशिक इकबाल, परवेज आलम सहित दर्जनों पत्रकार मौजूद थे. इधर, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था संकल्प मैत्री फाउंडेशन, मधेपुरा ने भी अपने फेसबुक पेज के माध्यम से सहरसा सदर अस्पताल की घटना पर आपत्ति जताते हुए इसे गंभीर एवं चिंताजनक बताया है. संस्था ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....










