मधेपुरा: भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में PAT-21 (शिक्षाशास्त्र) के साक्षात्कार (वायवा) की तिथि तीन साल से अधिक समय बीतने के बावजूद जारी नहीं किए जाने पर वाम छात्र संगठन एआईएसएफ के पूर्व विश्वविद्यालय प्रभारी डॉ. हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कुलपति और कुलसचिव को पत्र लिखकर कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने विश्वविद्यालय की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए लंबित साक्षात्कार की तिथि अविलंब जारी करने की मांग की है. डॉ. राठौर ने कहा कि PAT-21 (शिक्षाशास्त्र) के साक्षात्कार 23 से 31 मई 2023 तक निर्धारित थे. अन्य विषयों में निर्धारित समय पर साक्षात्कार भी आयोजित किए गए, लेकिन शिक्षाशास्त्र विषय का साक्षात्कार अचानक स्थगित कर दिया गया. 26 मई 2023 को तत्कालीन प्रोफेसर इंचार्ज के हस्ताक्षर से जारी नोटिस में साक्षात्कार को अगली तिथि तक स्थगित करते हुए अद्यतन सूचना विश्वविद्यालय की वेबसाइट से प्राप्त करने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि उक्त नोटिस जारी हुए तीन साल चार महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक विश्वविद्यालय की ओर से साक्षात्कार की नई तिथि जारी नहीं की गई है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी व्यवस्था है, जिसमें साक्षात्कार स्थगित करने के बाद वर्षों तक अगली तिथि घोषित नहीं की जाती है. डॉ. राठौर ने कहा कि इस देरी से शिक्षाशास्त्र में पीएचडी करने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का तीन वर्ष से अधिक महत्वपूर्ण समय प्रभावित हुआ है. वहीं, अन्य विषयों के शोधार्थियों का शोध कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है. उन्होंने इसे अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को ऐसे निर्णयों से बचना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों का समय और भविष्य प्रभावित हो तथा विश्वविद्यालय की साख पर भी सवाल उठे. उन्होंने कुलपति से मांग की कि PAT-21 (शिक्षाशास्त्र) के सफल अभ्यर्थियों के लिए आगे की प्रक्रिया अविलंब शुरू कराते हुए लंबित साक्षात्कार की तिथि घोषित की जाए. साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से भविष्य में विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध निर्णय लेने का आग्रह किया.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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