महिला पुलिसकर्मियों का होगा बहिष्कार, पावर का करती हैं गलत इस्तेमाल - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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8 मई 2020

महिला पुलिसकर्मियों का होगा बहिष्कार, पावर का करती हैं गलत इस्तेमाल

मधेपुरा: वैश्विक स्तर पर कोहराम मचा रहे कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए एक तरफ पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेशानुसार लॉकडाउन का अक्षरसह पालन हो सके, इसके लिए जगह-जगह चौक-चौराहों समेत पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात किए गए हैं. लॉकडाउन अवधि में आमजनों से ज्यादातर घर में रहने की अपील की जा रही है, कोई भी व्यक्ति केवल आवश्यक काम से ही बाहर निकलते हैं.
तैनात पुलिस बलों में महिलाकर्मियों की तादाद ज्यादा है. वे हर आने-जानेवाले व्यक्ति से घर से निकलने का कारण पूछती हैं और जो कोई किसी वाहन से निकलते हैं उनकी पूरी जाँच-पड़ताल करती हैं. जो सराहनीय भी है लेकिन पिछली की मरतबा इन्हीं महिला पुलिसकर्मियों ने सरकार द्वारा दिए गये पावर का गलत इस्तेमाल करते हुए शहरवासियों को परेशान भी किया है. जरूरी काम से निकलने वालों को भी जबरन रोककर उन्हें परेशान करती हैं.

व्यक्ति के हाथ में डॉक्टर का पूर्जा, आवागमन की इजाजत देखकर भी बेवजह उन्हें रोककर उनका वक्त बर्बाद करती हैं. किसी बाइक सवार के पास अगर हेलमेट नहीं होता है तो उनपर डंडे भी बरसाती हैं और तू-तू मैं-मैं करके चालान काटती हैं. कई बार तो लोगों से निकलने का कारण पूछे बिना ही लाठियों की बौछार शुरू कर देती हैं. इतना ही नहीं ये खुलेआम भद्दी-भद्दी गालियाँ भी देती हैं. इनकी ऐसी हरकतें उन पुलिसकर्मियों को भी बदनाम करती हैं जो अपना कर्तव्य निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं.

ऐसी ही कई शिकायतें शहरवासियों के माध्यम से मिली हैं. कुछ लोगों ने तो त्रस्त होकर सोशल मीडिया पर इनकी हरकतों के खिलाफ पोस्ट करने शुरू कर दिए हैं. खुलासा यह भी हुआ है कि एक तरफ जहाँ भोजन, सब्जी और दूध के अलावे शहर की सभी दुकानें बंद थी तो कुछ महिला पुलिसकर्मी एक शू सेंटर का आधा शटर खुलवाकर जूते-चप्पल की खरीदादारी करती नजर आई. जब आसपास के लोगों ने उनकी इस हरकत की वीडियो बनाना चाहा तो उन महिला पुलिस बलों ने उनके साथ गलत बर्ताव करते हुए उनका मोबाइल छीनने की कोशिश की.
मामला इस प्रकार है कि "मधेपुरा के मस्जिद चौक पर महिला पुलिसकर्मियों की ख्वाहिश पूरी करने के लिए दरोगा विनोद कुमार ने एक शू सेंटर खुलवाया. इतना ही नहीं बल्कि ड्यूटी पर मौजूद मजिस्ट्रेट से पहरेदारी भी कराई.

इस दुकान में भी सोशल डिस्टेंस की धज्जियाँ उड़ाती महिला पुलिसकर्मी खरीददारी करती दिखीं और मजिस्ट्रेट साहब बाहर पहरेदारी करते दिखे. जब मीडियाकर्मी ने इस दृश्य को कैमरे में कैद किया तो दूकान से निकलकर एक महिला पुलिसकर्मी ने मोबाइल छीनने का प्रयास किया. इस संबंध जब वहाँ तैनात मजिस्ट्रेट से पूछा गया तो वे कैमरे पर कुछ भी नहीं बोल पाए. वहीं दरोगा ने देख लेने की धमकी भी दी. इस मामले में पुलिस के वरीय अधिकारी कुछ भी बोलने से इनकार कर चुके हैं."

ये महिला जवान हर आने-जाने वालों के साथ इतनी ज्यादा सख्त हैं बावजूद इसके कि डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने यूँ बेवजह लोगों को परेशान न करने की सख्त हिदायत दे रखी है. इतना ही नहीं ये आमजनों को हेलमेट लगाने के लिए प्रतिबाधित करती हैं लेकिन स्वयं बिना हेलमेट बाइक और स्कूटी पर पूरे शहर में फर्राटे से घूमती नजर आती हैं.

मौका पाकर एक व्यक्ति ने उनकी ऐसी ही एक तस्वीर ले ली और चिपका दिया अपने फेसबुक के वॉल पर और लिखा :-"एक ओर जहाँ पूरा विश्व #वैश्विक_महामारी_कोरोना से जूझ रहा है वहीं दूसरी ओर #मधेपुरा_जिले के मुख्य बाजार में तैनात #महिला_पुलिसकर्मीयों द्वारा दूसरे को हैलमेट पहन कर चलने का पाठ पढ़ाया जा रहा है और खुद बिना हैलमेट के बाईक पर मस्त होकर बाइक चलाया जा रहा है..अगर कोई व्यक्ति #मजबूरीवश गलती से बिना हैलमेट पकड़ा जाए तो #लाठी_डंडे_और_भद्दे_गालियों से उनका स्वागत किया जाता है..फिर जबरन उन्हें #डरा_धमकाकर_2000_से_3000 का चालान काट दिया जाता है.

फिर क्या है कोई भी समस्या से क्यूँ ना अवगत करवाए बिना पैसा लिए उन्हें नहीं छोड़ा जाता है..जब इस ओर एक #पत्रकार की नज़र पड़ी तो उन्होंने अपने #कैमरे में उक्त घटने की तस्वीर कैद की तो पत्रकार पर वो #आगबबूला हो गई व #जबरन_उनपर_तस्वीर_डिलीट करने का दबाब डालने लगी..इस तरह का #बर्ताव बेहद ही #दुर्भाग्यपूर्ण है..जिला प्रशासन ऐसे पुलिसकर्मियों पर #सख्ती_बरतें??
#CMOPATNA
#DGPBIHAR"

फिर क्या था... यह पोस्ट खूब वायरल हुआ. उधर मैडम भी बौखला गईं और लगी अपना पावर दिखाने. एक बातचीत में उन्हें जब कहा गया कि आप खुद हेलमेट क्यों नहीं लगाती हैं, बेवजह पब्लिक को परेशान करती हैं तो मैडम ने तपाक से अपनी ऊंची शिक्षा का हवाला देते हुए कहा कि "मैं नहीं लगाऊंगी मेरी मर्जी".

इधर सभी शहरवासी इनकी दबंगई से परेशान होकर आंदोलन करने को विवश हो रहे हैं. उनका कहना है कि यदि वक्त रहते इन महिला पुलिसकर्मियों ने अपना रवैया नहीं बदला तो वे सभी संगठनात्मक रूप से इनका बहिष्कार करेंगे.

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