मधेपुरा: प्रवासी मजदूरों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन मधेपुरा स्टेशन पहुँची. जिसके बाद जिला प्रशासन ने सभी प्रवासियों का स्वागत किया. ट्रेन में बैठे प्रवासी मजदूर जैसे मधेपुरा की धरती पर पहुँचे उनका चेहरा खुशी से चमक उठा.
जैसे लग रहा था कि कोई युद्ध जीत कर वे अपने शहर वापस आए हों. हाँ युद्ध जीत कर आने का एहसास हो भी क्यूँ न. जहाँ पूरा विश्व कोरोना महामारी से त्राहिमाम है वहीं बिहार सरकार देश के विभिन्न राज्यों में फंसे श्रमिकों को वापस घर लाकर अलग उन्हें खुशी का एहसास करवा रही है.
श्रमिक स्पेशल ट्रेन मधेपुरा रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह 9.24 बजे पहुंची. ट्रेन के आने की सूचना पाकर जिला प्रशासन ने पहले ही पूरी तैयारी कर ली गई थी. इस संबंध में जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखी. जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार श्रमिक स्पेशल ट्रेन से शनिवार को लगभग 200 लोग जो विभिन्न राज्यों में फंसे थे, वे मधेपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचे.
श्रमिकों को सुपौल जिले तथा मधेपुरा जिले के विभिन्न प्रखंडों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या में बस की व्यवस्था की गई थी. ट्रेन से उतरने पर पश्चात ही सभी श्रमिकों का स्टेशन पर मौजूद चिकित्सकों के द्वारा बारी-बारी से स्वास्थ्य की जांच किया गया. श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आनेवाले मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग, जांच तथा पंजीयन की गई.
स्टेशन पर विभिन्न जगहों पर टेंट लगाया गया था. उक्त कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए प्रशासन को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो. सभी काउंटर पर दो-दो शिक्षक तथा एक-एक पदाधिकारी को तैनात किया गया था. स्टेशन के चारों ओर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम है ताकि ट्रेन से उतरने के बाद एक भी श्रमिक बिना प्रशासन के इजाजत के बाहर ना निकल सके.
सुबह से ही स्टेशन परिसर में हर ओर पुलिस जवान को तैनात कर दिया गया था. इस बीच अनुमंडल पुलिस अधिकारी वसी अहमद और सदर अनुमंडल पदाधिकारी वृंदा लाल खुद से लोगों को दिशा निर्देश देते नजर आए. किसी प्रकार की कोई शिकायत ना मिले इसके लिए एडीएम उपेंद्र कुमार भी रेलवे स्टेशन पर मुस्तैदी के साथ लोगों को समझाते दिखे.
मौके पर अपर समाहर्ता (लोक शिकायत) शिव कुमार शैव, जिला कृषि पदाधिकारी राजन बालन ने पहले से मोर्चा संभाल रखा था कि किसी को कोई परेशानी न हो.
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