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| प्रतीकात्मक तस्वीर |
डेस्क : कोरोना के खौफ से हर कोई डर के साये में जी रहे हैं। लोग खुद को घरों में कैद कर लिया है। प्रशासन की ओर से भी लोगों को एहतियात बरतने की अपील की जा रही है। एेसे समय में भी कुछ लोग अपनी हरकत से बाज नहीं आते हैं। एक ऐसा ही मामला मधेपुरा जिले के बिहारीगंज प्रखंड से सामने आया है। जहां कोरोना संक्रमित होने के बाद भी एक जदयू नेता आइसोलेट होने के बजाय घर से फरार है। संक्रमित व्यक्ति वर्तमान में जदयू के प्रदेश सचिव हैं।
दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार, 10 जुलाई को बिहारीगंज के लक्ष्मीपुर लालचंद पंचायत से 42 एवं बिहारीगंज बाजार से 14 लोगों का कोविड-19 का सैंपल लिया गया था। कुल 56 लोगों में से 55 का रिपोर्ट निगेटिव आई। जबकि लक्ष्मीपुर लालचंद पंचायत के वार्ड दो निवासी जदयू के प्रदेश युवा सचिव की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद जब आइसोलेट करने के उद्देश्य से मेडिकल टीम उसे लेने उसके घर पहुंची, तो वह अपने आप को जदयू का नेता बताते हुए आइसोलेशन सेंटर जाने से इंकार कर दिया।
उसने टीम को यह भी कहा कि उसमें कोरोना का लक्षण नहीं है। इस पर मेडिकल टीम के सदस्यों ने कहा कि अगर आप नेता हैं तो आप डीएम से बात कर लीजिए। नियम सबके लिए बराबर है। इस पर वह तैयार होने का बहाना बनाकर घर के अंदर गया, लेकिन फिर वापस नहीं आया। बाद में पता चला की वह अपने घर के पीछे वाले रास्ते से फरार हो गया।
बिहारीगंज के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. समीर कुमार ने मीडिया को बताया कि एंबुलेंस उसके दरवाजे पर खड़ी रही, लेकिन वह पीछे के दरवाजे से फरार हो गया। उन्होंने उसके भागने की सूचना लिखित रूप से एसडीएम उदाकिशुनगंज व बिहारीगंज के सीओ और थानाध्यक्ष को दे दी है। वहीं थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि उसका मोबाइल स्वीच ऑफ बता रहा है। अगर वह जल्द अपने आप को मेडिकल टीम को नहीं सौंपा, तो उस पर महामारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर दिया जाएगा।










