बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के सामाजिक विज्ञान संकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. आर. के. पी. रमण ने सोमवार को विश्वविद्यालय के 25 वें कुलपति का पदभार ग्रहण किया. इस अवसर पर उन्होंने प्रेस-मीडिया को संबोधित करते हुए अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं विश्वविद्यालय के विकास में सबों से सक्रिय सहयोग मांगा.
उन्होंने कहा कि वे यह के निवासी हैं. यहीं से पढ़ाई लिखाई की है और शिक्षक हैं. साथ ही प्रभारी प्रधानाचार्य, स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक, निदेशक नियुक्ति कोषांग एवं संकायाध्यक्ष के रूप में उन्हें यहां कार्य करने का अनुभव प्राप्त है. वे अपने इन अनुभवों का विश्वविद्यालय के विकास में सकारात्मक उपयोग करेंगे. उन्होंने कुलपति के रूप में विश्वविद्यालय की सेवा का अवसर देने के लिए महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति श्री फागू चौहान और माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का सर्वांगीण विकास ही उनकी पहली और अंतिम प्राथमिकता है. दिन-रात एक करके इस विश्वविद्यालय के विकास के लिए काम करेंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि वे विश्वविद्यालय के नैक मूल्यांकन हेतु हर संभव प्रयास करेंगे. कोरोना काल में परीक्षाएं नहीं हो पा रही हैं. लंबित परीक्षाओं का संचालन शुरू कराने का प्रयास करेंगे. जब तक विधिवत कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो जाता है तब तक ऑनलाइन टीचिंग का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा. अतिथि व्याख्याताओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा. पीएचडी धारकों को सुगमता पूर्वक फाइव पॉइंट सर्टिफिकेट दिया जाएगा. पीएचडी कोर्स वर्क 2019 की परीक्षा शीघ्र ली जाएगी. शीघ्र ही पैट-2020 का आयोजन किया जाएगा. नॉर्थ कैंपस के स्नातकोत्तर विभागों में सभी सुविधाओं की बहाली की जाएगी. नॉर्थ कैंपस में कैंटीन एवं पुलिस चौकी बनवाने का प्रयास किया जाएगा.
अंत में उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय की संपत्ति हैं. वे ही कल के भविष्य हैं. परिवार, समाज, राष्ट्र का भविष्य इन्हीं के हाथों में है. इनके भविष्य को उज्जवल करन, उनको संस्कार से परिपूर्ण करना, रोजगारपरक शिक्षा की व्यवस्था करना प्राथमिकता है. कुल मिलाकर विश्वविद्यालय का शैक्षणिक विकास के साथ-साथ चतुर्दिक विकास एवं चहुमुखी विकास हमारी प्राथमिकता होगी. इसमें आप सभी मीडिया बंधुओं के साथ-साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों, कोसी प्रमंडल की जनता के अपेक्षित सहायता की अपेक्षा है. इसके पूर्व कुलपति ने कैंपस में स्थित भूपेंद्र नारायण मंडल, महात्मा गांधी एवं महावीर प्रसाद यादव के चित्र पर माल्यार्पण किया.
बीएनएमयू के वित्तीय परामर्शी सुरेश चंद्र दास, डीएसडब्ल्यू डॉ. अशोक कुमार यादव, कुलसचिव डॉ. कपिल देव प्रसाद, पूर्व सिंडिकेट सदस्य डॉ. परमानंद यादव परीक्षा नियंत्रक डॉ. नवीन कुमार ,वितीय पदाधिकारी सूरज देव प्रसाद, कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव, पीआरओ डॉ. सुधांशु शेखर, सिंडीकेट सदस्य डॉ. जवाहर पासवान, शिक्षक संघ के विश्वविद्यालय अध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रसाद सिंह, महासचिव डॉ. अशोक कुमार, सीनेटर डॉ. नरेश कुमार, डॉ. कमलेश प्रसाद सिंह, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. विपिन कुमार सिंह एवं डॉ. शैलेश कुमार, डॉ. अरुण खां, डॉ. के. पी. यादव, डॉ. राजीव सिन्हा, डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. माधवेंद्र झा, पूर्व प्राचार्य डॉ. शिव नारायण यादव, डॉ. योगेंद्र प्रसाद यादव, डॉ. अरुण कुमार मिश्रा, शोधार्थी सारंग तनय एवं सौरव कुमार चौहान आदि उपस्थित थे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....
उन्होंने कहा कि वे यह के निवासी हैं. यहीं से पढ़ाई लिखाई की है और शिक्षक हैं. साथ ही प्रभारी प्रधानाचार्य, स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक, निदेशक नियुक्ति कोषांग एवं संकायाध्यक्ष के रूप में उन्हें यहां कार्य करने का अनुभव प्राप्त है. वे अपने इन अनुभवों का विश्वविद्यालय के विकास में सकारात्मक उपयोग करेंगे. उन्होंने कुलपति के रूप में विश्वविद्यालय की सेवा का अवसर देने के लिए महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति श्री फागू चौहान और माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का सर्वांगीण विकास ही उनकी पहली और अंतिम प्राथमिकता है. दिन-रात एक करके इस विश्वविद्यालय के विकास के लिए काम करेंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि वे विश्वविद्यालय के नैक मूल्यांकन हेतु हर संभव प्रयास करेंगे. कोरोना काल में परीक्षाएं नहीं हो पा रही हैं. लंबित परीक्षाओं का संचालन शुरू कराने का प्रयास करेंगे. जब तक विधिवत कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो जाता है तब तक ऑनलाइन टीचिंग का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा. अतिथि व्याख्याताओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा. पीएचडी धारकों को सुगमता पूर्वक फाइव पॉइंट सर्टिफिकेट दिया जाएगा. पीएचडी कोर्स वर्क 2019 की परीक्षा शीघ्र ली जाएगी. शीघ्र ही पैट-2020 का आयोजन किया जाएगा. नॉर्थ कैंपस के स्नातकोत्तर विभागों में सभी सुविधाओं की बहाली की जाएगी. नॉर्थ कैंपस में कैंटीन एवं पुलिस चौकी बनवाने का प्रयास किया जाएगा.
अंत में उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय की संपत्ति हैं. वे ही कल के भविष्य हैं. परिवार, समाज, राष्ट्र का भविष्य इन्हीं के हाथों में है. इनके भविष्य को उज्जवल करन, उनको संस्कार से परिपूर्ण करना, रोजगारपरक शिक्षा की व्यवस्था करना प्राथमिकता है. कुल मिलाकर विश्वविद्यालय का शैक्षणिक विकास के साथ-साथ चतुर्दिक विकास एवं चहुमुखी विकास हमारी प्राथमिकता होगी. इसमें आप सभी मीडिया बंधुओं के साथ-साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों, कोसी प्रमंडल की जनता के अपेक्षित सहायता की अपेक्षा है. इसके पूर्व कुलपति ने कैंपस में स्थित भूपेंद्र नारायण मंडल, महात्मा गांधी एवं महावीर प्रसाद यादव के चित्र पर माल्यार्पण किया.
बीएनएमयू के वित्तीय परामर्शी सुरेश चंद्र दास, डीएसडब्ल्यू डॉ. अशोक कुमार यादव, कुलसचिव डॉ. कपिल देव प्रसाद, पूर्व सिंडिकेट सदस्य डॉ. परमानंद यादव परीक्षा नियंत्रक डॉ. नवीन कुमार ,वितीय पदाधिकारी सूरज देव प्रसाद, कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव, पीआरओ डॉ. सुधांशु शेखर, सिंडीकेट सदस्य डॉ. जवाहर पासवान, शिक्षक संघ के विश्वविद्यालय अध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रसाद सिंह, महासचिव डॉ. अशोक कुमार, सीनेटर डॉ. नरेश कुमार, डॉ. कमलेश प्रसाद सिंह, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. विपिन कुमार सिंह एवं डॉ. शैलेश कुमार, डॉ. अरुण खां, डॉ. के. पी. यादव, डॉ. राजीव सिन्हा, डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. माधवेंद्र झा, पूर्व प्राचार्य डॉ. शिव नारायण यादव, डॉ. योगेंद्र प्रसाद यादव, डॉ. अरुण कुमार मिश्रा, शोधार्थी सारंग तनय एवं सौरव कुमार चौहान आदि उपस्थित थे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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