मधेपुरा: अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और विभागीय कंपनी के खिलाफ जिले के सभी एंबुलेंस कर्मी मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. जिले के सभी एंबुलेंस कर्मी हड़ताल के पहले दिन सीएस कार्यालय के सामने बंद धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया.
बिहार राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ इंटक शाखा 102, 108, 1099 एंबुलेंस कर्मचारी संघ बिहार के आह्वान पर उनके बैनर तले एंबुलेंस कर्मियों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि वे लोग काफी दिनों से अपनी मांगों को स्वास्थ्य विभाग और कंपनी को अवगत कराते रहे. बावजूद इसके आजतक विभाग उनकी समस्याओं को नहीं सुनी.
जिसके कारण मंगलवार से वे लोग अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हुए हैं. जिले के सभी प्रखंड के एंम्बुलेंस कर्मी एवं ईएमटी अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर सदर अस्पताल परिसर में अपना -अपना एम्बुलेंस लगाकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं. वहीं हड़ताल पर बैठे एम्बुलेंस कर्मी का कहना है कि जब तक हमारे एम्बूलेंस कर्मी को बकाया वेतन और समान काम का समान वेतन सहित 10 सूत्री मांग पूरा नही करेंगे, तब तक वे लोग अपना काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहेंगे.
एम्बुलेंस कर्मियों ने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में एम्बूलेंस कर्मी अपने और अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर दिन रात संक्रमित लोगों की सेवा में लगे हुए थे. लेकिन अब तक न तो बकाया वेतन मिला और न ही प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जा रहा है. अन्य सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों की तरह हम लोग को भी प्रोत्साहन राशि का भुगतान अविलंब किया जाए. नहीं तो इससे भी ज्यादा उग्र आंदोलन होगा.
साथ ही पूर्व में हुए समझौते छह फरवरी, 2019, नौ अगस्त 2019 और 20 दिसंबर 2019 के बिंदुओं के कार्यान्वयन हेतु पीडीपीएल और सम्मान फाउंडेशन प्रबंधन के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने, अप्रैल से पूर्व में हुए समझौते के अनुसार कम से कम वेतन में 2000 रुपये की मानदेय वृद्धि करने, श्रम कानून के अनुसार वेतन देने, वेतन भुगतान को अद्यतन करने, बिना जॉइनिंग लेटर के किसी से काम नहीं लिए जाने, क्या एंबुलेंस कर्मी स्वास्थ्य कर्मी नहीं है स्पष्ट करने, पीएफ और ईएसआई के अंतर्गत वेतन से अंशदान की कटौती और पीडीपीएल सम्मान फाउंडेशन द्वारा जमा किए जा रहे अंशदान का हिसाब अद्यतन करने आदि मांगें शामिल है. जिला अध्यक्ष शकील अहमद सिद्दीकी ने कहा कि जबतक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी तबतक वे लोग हड़ताल पर डटे रहेंगे.
मौके पर जिला उपाध्यक्ष प्रभुशंकर, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, जिला मंत्री रामविलास यादव, मीडिया प्रभारी नीरज कुमार, वसीम अकरम, अनंत कुमार, विनय कुमार, रंजीत कुमार, फिरोज आलम, दिलीप कुमार, प्रमोद कुमार, प्रदीप कुमार, ब्रह्मदेव मंडल, राजेश सिंह आदि मौजूद थे.
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ आरपी रमन ने बताया कि सभी पीएचसी प्रभारी और कंपनी को मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो सके. डीएस डॉ डीपी गुप्ता ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सदर अस्पताल में अस्पताल का दो एम्बुलेंस तैयार रखा गया है जो आवश्यकता पड़ने पर भेजा जा सकता है.
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....
बिहार राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ इंटक शाखा 102, 108, 1099 एंबुलेंस कर्मचारी संघ बिहार के आह्वान पर उनके बैनर तले एंबुलेंस कर्मियों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि वे लोग काफी दिनों से अपनी मांगों को स्वास्थ्य विभाग और कंपनी को अवगत कराते रहे. बावजूद इसके आजतक विभाग उनकी समस्याओं को नहीं सुनी.
जिसके कारण मंगलवार से वे लोग अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हुए हैं. जिले के सभी प्रखंड के एंम्बुलेंस कर्मी एवं ईएमटी अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर सदर अस्पताल परिसर में अपना -अपना एम्बुलेंस लगाकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं. वहीं हड़ताल पर बैठे एम्बुलेंस कर्मी का कहना है कि जब तक हमारे एम्बूलेंस कर्मी को बकाया वेतन और समान काम का समान वेतन सहित 10 सूत्री मांग पूरा नही करेंगे, तब तक वे लोग अपना काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहेंगे.
एम्बुलेंस कर्मियों ने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में एम्बूलेंस कर्मी अपने और अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर दिन रात संक्रमित लोगों की सेवा में लगे हुए थे. लेकिन अब तक न तो बकाया वेतन मिला और न ही प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जा रहा है. अन्य सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों की तरह हम लोग को भी प्रोत्साहन राशि का भुगतान अविलंब किया जाए. नहीं तो इससे भी ज्यादा उग्र आंदोलन होगा.
साथ ही पूर्व में हुए समझौते छह फरवरी, 2019, नौ अगस्त 2019 और 20 दिसंबर 2019 के बिंदुओं के कार्यान्वयन हेतु पीडीपीएल और सम्मान फाउंडेशन प्रबंधन के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने, अप्रैल से पूर्व में हुए समझौते के अनुसार कम से कम वेतन में 2000 रुपये की मानदेय वृद्धि करने, श्रम कानून के अनुसार वेतन देने, वेतन भुगतान को अद्यतन करने, बिना जॉइनिंग लेटर के किसी से काम नहीं लिए जाने, क्या एंबुलेंस कर्मी स्वास्थ्य कर्मी नहीं है स्पष्ट करने, पीएफ और ईएसआई के अंतर्गत वेतन से अंशदान की कटौती और पीडीपीएल सम्मान फाउंडेशन द्वारा जमा किए जा रहे अंशदान का हिसाब अद्यतन करने आदि मांगें शामिल है. जिला अध्यक्ष शकील अहमद सिद्दीकी ने कहा कि जबतक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी तबतक वे लोग हड़ताल पर डटे रहेंगे.
मौके पर जिला उपाध्यक्ष प्रभुशंकर, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, जिला मंत्री रामविलास यादव, मीडिया प्रभारी नीरज कुमार, वसीम अकरम, अनंत कुमार, विनय कुमार, रंजीत कुमार, फिरोज आलम, दिलीप कुमार, प्रमोद कुमार, प्रदीप कुमार, ब्रह्मदेव मंडल, राजेश सिंह आदि मौजूद थे.
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ आरपी रमन ने बताया कि सभी पीएचसी प्रभारी और कंपनी को मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो सके. डीएस डॉ डीपी गुप्ता ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सदर अस्पताल में अस्पताल का दो एम्बुलेंस तैयार रखा गया है जो आवश्यकता पड़ने पर भेजा जा सकता है.
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....










