सिंहेश्वर: मंगलवार को रामजानकी ठाकुरबाड़ी परिसर में सिंहेश्वर मंदिर खुलवाने को लेकर स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में यह निर्णय हुआ कि प्रथम चरण में अनुमंडल पदाधिकारी सह मंदिर न्याय समिति के सचिव से मुलाकात कर मंदिर खुलवाने को लेकर 24 घंटे के अंदर मंदिर खुलवाने को लेकर आवेदन दिया जाए.
सबों ने कहा आवेदन देने के उपरांत अगर 24 घंटे के अंदर मंदिर नहीं खुलवाया गया तो चरणबद्ध आंदोलन को रूप-रेखा तैयार की जाएंगी. जिसके बाद 5 लोगों का शिष्टमंडल बनाया गया. जिसमें राकेश रंजन, धर्मनारायण ठाकुर, कुंदन कुमार, पंकज भगत एवं मिलन कुमार शामिल किया गया. सभी शिष्टमंडल के सदस्यों ने सिंहेश्वर मंदिर न्याय समिति के सचिव सह एसडीओ से मिलकर मंदिर खुलवाने को लेकर ज्ञापन दिया.
बताते चलें कि ज्ञापन मिलने के बाद एसडीओ ने जिला पदाधिकारी सह न्यास समिति के अध्यक्ष से फोन पर बात कर इस संदर्भ में बात किया. इसके बाद उन्होंने 21 सितंबर से सिंहेश्वर मंदिर खोलने की बात कही. कहा कि अभी मात्र 20 लोग ही किसी तरह के धार्मिक आयोजन में उपस्थित रह सकते है. पर सिंहेश्वर मंदिर में ऐसा करना संभव नहीं है क्योंकि 20 से अधिक तो मंदिर के पुजारी ही हो जाते हैं.
उन्होंने बताया 21 सितंबर से 100 लोग के किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन में उपस्थित रहने का प्रावधान किया गया है. इसीलिए अब 21 सितंबर से मंदिर खोली जाएगी. पुनः राज्य धार्मिक न्यास पार्षद के अध्यक्ष से भी बात हुई. उन्होंने कहा कि मंदिर खोलने का निर्णय न्यास समिति द्वारा ही ली जाएगी.
(रिपोर्ट:- गणेश कुमार गुप्ता)
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....
सबों ने कहा आवेदन देने के उपरांत अगर 24 घंटे के अंदर मंदिर नहीं खुलवाया गया तो चरणबद्ध आंदोलन को रूप-रेखा तैयार की जाएंगी. जिसके बाद 5 लोगों का शिष्टमंडल बनाया गया. जिसमें राकेश रंजन, धर्मनारायण ठाकुर, कुंदन कुमार, पंकज भगत एवं मिलन कुमार शामिल किया गया. सभी शिष्टमंडल के सदस्यों ने सिंहेश्वर मंदिर न्याय समिति के सचिव सह एसडीओ से मिलकर मंदिर खुलवाने को लेकर ज्ञापन दिया.
बताते चलें कि ज्ञापन मिलने के बाद एसडीओ ने जिला पदाधिकारी सह न्यास समिति के अध्यक्ष से फोन पर बात कर इस संदर्भ में बात किया. इसके बाद उन्होंने 21 सितंबर से सिंहेश्वर मंदिर खोलने की बात कही. कहा कि अभी मात्र 20 लोग ही किसी तरह के धार्मिक आयोजन में उपस्थित रह सकते है. पर सिंहेश्वर मंदिर में ऐसा करना संभव नहीं है क्योंकि 20 से अधिक तो मंदिर के पुजारी ही हो जाते हैं.
उन्होंने बताया 21 सितंबर से 100 लोग के किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन में उपस्थित रहने का प्रावधान किया गया है. इसीलिए अब 21 सितंबर से मंदिर खोली जाएगी. पुनः राज्य धार्मिक न्यास पार्षद के अध्यक्ष से भी बात हुई. उन्होंने कहा कि मंदिर खोलने का निर्णय न्यास समिति द्वारा ही ली जाएगी.
(रिपोर्ट:- गणेश कुमार गुप्ता)
पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....









