मधेपुरा: एक तरफ देश विश्वव्यापी महामारी कोरोना से त्राहि त्राहि कर रहा और दूसरी ओर सरकार ने शिक्षा और रोजगार को मजाक बना दिया है. एक ओर नए रोजगार के रास्ते बन्द हो गए हैं और दूसरी ओर कई रोजगार के क्षेत्रों की नीलामी हो रही है.
उक्त बातें वाम छात्र संगठन एआईएसएफ के राष्ट्रीय परिषद् सदस्य सह राज्य उपाध्यक्ष हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने एआईएसएफ बिहार के राज्य व्यापी आह्वान पर संगठन के बीएनएमयू इकाई द्वारा आयोजित पोस्टर अभियान के द्वारा विरोध प्रदर्शन में लॉक डाउन के नियमों के अन्तर्गत कार्यक्रम के मौके पर कही.
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा परीक्षा अवधि में परीक्षा लेने की पहल दुखद है, यह सरकार की साजिश है इसे छात्र, युवाओं को समझने की जरूरत है. संगठन के राज्य परिषद सदस्य सह संयुक्त जिला सचिव सौरव कुमार ने कहा कि जेईई मेंस, नीट, नेट सहित सभी परीक्षाओं को कोरोना काल में रोक लगनी चाहिए अगर सरकार सक्षम है तो सदन क्यों नहीं सुचारू रूप से चलाती है.
उन्होंने कहा कि रेलवे सहित अन्य क्षेत्रों के निजीकरण देश के लिए घातक है इसके खिलाफ संगठन ने राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है. छात्र नेता मन्नू कुमार ने कहा कि सरकार कोरोना काल तक के बिजली बिल, रूम रेंट, स्कूल फीस आदि को माफ करे जिससे आम लोगों को राहत मिले.
वहीं उन्होंने मांग किया की सरकार छात्र युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करे. छात्र नेता राकेश कुमार ने कहा कि इस विश्वव्यापी महामारी के दौर में लाई गई नई शिक्षा नीति एक खास वर्ग को लाभ पहुंचाने की साजिश है इसपर अविलंब विचार करने और संशोधन की जरूरत है. विकाश, गौरव, मनीष, सौरव ने कहा कि संगठन लगातार छात्र व युवाओं की के हित के लिए संघर्षरत है और आगे भी रहेगा.
उक्त बातें वाम छात्र संगठन एआईएसएफ के राष्ट्रीय परिषद् सदस्य सह राज्य उपाध्यक्ष हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने एआईएसएफ बिहार के राज्य व्यापी आह्वान पर संगठन के बीएनएमयू इकाई द्वारा आयोजित पोस्टर अभियान के द्वारा विरोध प्रदर्शन में लॉक डाउन के नियमों के अन्तर्गत कार्यक्रम के मौके पर कही.
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा परीक्षा अवधि में परीक्षा लेने की पहल दुखद है, यह सरकार की साजिश है इसे छात्र, युवाओं को समझने की जरूरत है. संगठन के राज्य परिषद सदस्य सह संयुक्त जिला सचिव सौरव कुमार ने कहा कि जेईई मेंस, नीट, नेट सहित सभी परीक्षाओं को कोरोना काल में रोक लगनी चाहिए अगर सरकार सक्षम है तो सदन क्यों नहीं सुचारू रूप से चलाती है.
उन्होंने कहा कि रेलवे सहित अन्य क्षेत्रों के निजीकरण देश के लिए घातक है इसके खिलाफ संगठन ने राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है. छात्र नेता मन्नू कुमार ने कहा कि सरकार कोरोना काल तक के बिजली बिल, रूम रेंट, स्कूल फीस आदि को माफ करे जिससे आम लोगों को राहत मिले.
वहीं उन्होंने मांग किया की सरकार छात्र युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करे. छात्र नेता राकेश कुमार ने कहा कि इस विश्वव्यापी महामारी के दौर में लाई गई नई शिक्षा नीति एक खास वर्ग को लाभ पहुंचाने की साजिश है इसपर अविलंब विचार करने और संशोधन की जरूरत है. विकाश, गौरव, मनीष, सौरव ने कहा कि संगठन लगातार छात्र व युवाओं की के हित के लिए संघर्षरत है और आगे भी रहेगा.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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