बेगूसराय: दिनकर कला भवन के प्रेक्षागृह में रंग-संस्था सोशल कल्चरल एंड वेलफेयर आर्गेनाइजेशन बेगूसराय द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय नाट्य महोत्सव के प्रथम दिन शनिवार की संध्या ज़िले के वरिष्ठ रंगकर्मी संजय राज "रोजी" द्वारा लिखित नाटक 'एडम एंड ईव' का सफ़ल मंचन दर्शकों को काफ़ी रोमांचित किया. पति-पत्नी के आपसी सम्बन्धों में शंका-संदेह के कारण हो रहे मतभेद से बनते जा रहे पारिवारिक तनाव पर आधारित नाटक एडम एंड ईव एक पारिवारिक कहानी है. जिसमें दिखाया गया कि किस तरह मौजूदा समय में शंका के भ्रम में फंसकर एक सुखी-सम्पन्न व शाश्वत परिवार तनाव की जकड़न में फंसकर खंडित हो जाता है. तथा एक समृद्ध व स्वच्छ परिवार में ख़लल पैदा करने वाले समाज में व्याप्त नकारात्मक पात्र पति-पत्नी के अटूट प्रेम व विश्वास की डोर को और भी कमजोर कर परिवार में संकीर्णता प्रकट कर देता है.
जिससे परिवार वाद-विवाद में उलझकर न्यायालय का सहारा लेता है. परन्तु न्यायालय पति-पत्नी के संबंधों को अलग कर सकता है लेकिन एक प्यारी बच्ची के माता-पिता को कैसे कर सकता? यदि इसका समाधान पति-पत्नी स्वयं आपसी तालमेल से नहीं करता है तो निश्चित ही यह संबंध टूट जाता है, फिर बच्चों के भविष्य पर गहरा असर पड़ता है व इसका रख-रखाव भी अस्त-व्यस्त हो जाता है. नाटक के अंत में एक प्यारा बच्चा पात्र प्रकृति के दर्द भरे संवादों ने दर्शकों को भावविह्वल कर दिया. नाटक में मुख्य पात्र पति एडम की भूमिका निभा रहे थे चर्चित अभिनेता फ़ैयाजुल हक़ 'फैजु' तथा पत्नी ईव की भूमिका में युवा अभिनेत्री राधा कुमारी, दोनों पात्रों ने एक पति-पत्नी के जीवंत चरित्रों को बख़ूबी निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया.
प्यारी बच्ची प्रकृति की भूमिका में बाल कलाकार फागुनी सिंह ने अपने भावप्रिय संवाद सह अभिनय से दर्शकों को भाव-विभोर कर, एक सशक्त पात्र के रूप में उभर कर सामने आई. पूरे नाटक में गति प्रदान करने वाले एक रोमांचक पात्र नौकर की सराहनीय भूमिका में सक्रिय युवा रंगकर्मी इम्तियाजुल हक़ 'डब्लू' ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. वहीं मिसेज़ शर्मा का किरदार निभा रहे थे युवा अभिनेत्री अनिता कुमारी तथा सूत्रधार एक आकाश कुमार व सूत्रधार दो की भूमिका में नेहा कुमारी का अभिनय भी काफी सराहनीय रहा। पूरे नाटक में संगीत ने उत्कृष्ट असर बनाए रखा. संगीत संयोजन रंजीत कुमार ने किया व संगीत सहयोग में म्यूजिक यंत्र पैड के माध्यम से धर्मेंद्र कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए.
प्रकाश परिकल्पना कर युवा रंगकर्मी रवि वर्मा ने स्वयं प्रकाश संचालन कर नाटक की सौन्दर्यता को और भी श्रेष्ठता प्रदान करने में सफ़ल रहे साथ ही प्रकाश व्यवस्था में सक्रिय युवा अभिनेता मनोज कुमार यात्री का विशेष सहयोग रहा रूप-सज्जा व मुख सज्जा डॉ रंजीत कुमार सृष्टि तथा प्रोपर्टी इंचार्ज राधा कुमारी, अनिता कुमारी व फ़ैयाजुल हक़ तथा स्टेज मैनेजमेंट में युवा कलाकार रविशंकर रंक, हरिश्चंद्र पटेल, राहुल कुमार का सहयोग काफ़ी प्रशंसनीय रहा. ज्ञात हों कि पूरे नाट्य-प्रस्तुति की परिकल्पना, लेखन व निर्देशन रंग-निर्देशक संजय राज ने किया. संस्था द्वारा त्रिदिवसीय नाट्य महोत्सव की शुरुआत देश के अमर शहीद वीर सपूत जनरल बिपिन रावत समेत उनकी पत्नी व सेना के अन्य अधिकारीयों के निधन पर उनकी याद में पूरे प्रेक्षागृह में उपस्थित दर्शको व कलाकारों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दिए तथा उनको याद करते हुए संस्था के संगीत मण्डली में शामिल युवा कलाकार अमन कुमार और रंजीत कुमार ने अपने मधुर स्वर-संगीत के माध्यम से देशभक्ति गजलांजली के साथ श्रद्धासुमन सादर श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत किए.
मंच संचालन सक्रिय युवा-अभिनेता अमरेश कुमार ने किया तथा फ़ोटोग्राफी अभिनेता अंकित राज व वीडियोग्राफी स्नेहमुहूर्त ग्रुप का रहा. तत्पश्चात आगन्तुक गणमान्य अतिथि आर्यभट्ट शिक्षण संस्थान के निदेशक अशोक कुमार सिंह 'अमर', वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल पतंग, पूर्व सदस्य विधान परिषद बिहार सरकार व कलाप्रेमी भूमिपाल राय तथा रिवर वैली स्कूल के निदेशक आर.एन.सिंह व भारत भारती विद्यालय के प्रिंसिपल राजेश कुमार ने सम्मिलित रूप से तीन दिवसीय नाट्य-महोत्सव कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किये तथा आयोजक सहित कलाकार व निर्देशक के उज्ज्वल भविष्य हेतु अपने-अपने उत्कृष्ट विचार प्रकट किए. कार्यक्रम को सफ़ल बनाने में पंकज कुमार सिन्हा उर्फ झन्टू, मनोज कुमार, हरिश्चन्द्र कुमार, अंकित राज, तथा आशीर्वाद रंगमंडल सहित शहर के गणमान्य लोगों का विशेष योगदान रहा.
(रिपोर्ट:- अमरेश अमल)
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