मधेपुरा: बीएनएमयू परिसर के बीएड विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ पीके पाल द्वारा बीएनएमयू कुलपति को आवेदन दे अनियमित वेतन भुगतान के कारण आर्थिक,मानसिक प्रताड़ना का हवाला दे धरना पर बैठने की बात के कुछ दिन बाद ही विभाग के कई शिक्षकों द्वारा कुलपति को आवेदन दे लगातार पांच महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण झेल रहे परेशानियों का हवाला देना और वेतन नहीं मिलने पर आंदोलन पर जाने की बात करना दुखद और विश्वविद्यालय के लिए शर्मनाक हैै. जिन शिक्षकों को पठन पाठन पर ध्यान देना था पदाधिकारियों की लापरवाही से उन्हें वेतन नहीं मिलने पर लगातार आवेदन देना पड़ रहा है साथ ही लगातार आवेदन पर भी पहल नहीं होने पर आंदोलन की भी बात कही जा रही है. यह बीएनएमयू की कुव्यवस्था को दर्शाता है उक्त बातें वाम छात्र संगठन एआईएसएफ के बीएनएमयू प्रभारी हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कही.
उन्होने कहा कि बीएनएमयू शिक्षा शास्त्र विभाग में आज से छ माह पहले भी छ सात माह से वेतन भुगतान नहीं हुआ था तब छात्र व शिक्षक संगठनों द्वारा आवाज उठाने पर हुए फजीहत के बाद भुगतान हुआ यानी विगत बारह महीनों में मात्र एक बार वेतन भुगतान हो पाया है. राठौर ने सम्बन्धित वरीय पदाधिकारियों के कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा करते हुए कहा कि बीएड एक स्वपोषित संस्था है जिसमें सत्र शुरू होते ही समुचित राशि आ जाती है जो दर्शाता है कि वेतन भुगतान में विलंब का कोई मतलब ही नहीं बनता. पूर्व हेड के बाद कई शिक्षकों द्वारा आवेदन दे पांच माह से वेतन नहीं मिलने की शिकायत हर हद की सीमा को पार कर गया इससे साफ है कि शिक्षा शास्त्र विभाग में शिक्षकों के मेहनत का सम्मान नहीं है.
बीएनएमयू परिसर के शिक्षा शास्त्र विभाग में हमेशा से विभाग की लापरवाही व मनमानी के कारण शिक्षकों को जूझना ही नहीं पड़ता बल्कि आर्थिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित भी होना पड़ता है. छात्र नेता राठौर ने कहा कि सूत्रों की माने तो विश्वविद्यालय के शिक्षा शास्त्र विभाग में पदाधिकारियों द्वारा शिक्षक विभिन्न स्तरों पर प्रताड़ित किए जाते हैं. पांच माह से वेतन नहीं भुगतान होने पर सम्बन्धित पदाधिकारियों के कार्यशैली का विरोध करते राठौर ने कहा कि अविलंब वेतन भुगतान करने के साथ नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की गारंटी होनी चाहिए. शिक्षक व पदाधिकारियों के बीच की टकराहट को दुखद बताते हुए राठौर ने कहा कि इससे जहां छात्रों पर गलत प्रभाव पड़ता है वहीं सम्बन्धित शिक्षकों खुद व परिवार के संचालन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
साथ ही उन्होंने स्थापना काल से अभी तक शिक्षकों को पीएफ नहीं मिलने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए अविलंब इसे देने की मांग की. छात्र नेता राठौर ने कहा कि उनका संगठन शिक्षकों के साथ है विश्वविद्यालय अविलंब वेतन भुगतान व पीएफ शुरू करे अन्यथा वाम छात्र संगठन शिक्षकों के हित में होली के तुरन्त बाद अनिश्चित कालीन धरना शुरू करेगा.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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