मधेपुरा: बुधवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री, मंडल आयोग के अध्यक्ष स्व. बीपी मंडल के जन्मभूमि मुरहो में स्थित उनके स्मारक के समक्ष उपस्थित होकर श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दिया. एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने उनके पुण्यतिथि पर मंडलवाद के विचारो को जन - जन तक पहुंचाने का प्रण लिया. मौके पर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा की स्व. बीपी मंडल देश के बहुसंख्यक शोषित, पीड़ित, पिछड़े - दलितों के उद्धारक और मसीहा थे. उनके कार्यों ने देश के सबसे बड़ी समूह को संवैधानिक अधिकार दिलाया है.
उन्होंने कहा की स्व. बीपी मंडल ने न सिर्फ पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाया है बल्कि देश के लोकतांत्रिक आधार और एकता - अखंडता को मजबूत किया है. जिलाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा की मंडल आयोग के सिफारिसो को पूर्णतः लागू किए बिना भारत को मुक्कमल तौर लोकतांत्रिक नही बनाया जा सकता है. जब तक देश के पिछड़े, दलित और आदिवासी को शासन, सत्ता और प्रशासन में जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी नहीं दिया जाता है तबतक भारत में पूरी तरह से लोकतंत्र को मुक्कमल नही माना जा सकता है.
स्व. बीपी मंडल ने मंडल आयोग के जरिए सैकड़ों पिछड़ी जातियां, जो अलग - अलग बटे हुए थे उनको एकसूत्र में बांधकर देश की एकता और अखंडता को स्थापित करने में महत्ती भूमिका निभाई है. इस प्रकार से स्व. बीपी मंडल को भारतरत्न से सम्मानित नही किया जाना सरकार का पिछड़ी जातियों के साथ भेदभावपूर्ण नीति है. कार्यक्रम में मुख्यरूप से एनएसयूआई छात्रनेता त्रिनेत्र कुमार, रामलखन कुमार, आशीष कुमार, प्रलाद कुमार, नवीन कुमार, मिथुन कुमार, राजेश कुमार, बालकीशोर कुमार, रामविलास कुमार समेत दर्जनों छात्र और युवा मौजूद थे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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