प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने अस्पताल गेट पर शव रखकर 4 घंटे किया बायपास जाम - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

 

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3 जुलाई 2026

प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने अस्पताल गेट पर शव रखकर 4 घंटे किया बायपास जाम

मधेपुरा: जिले के पश्चिमी बायपास स्थित नायडू मेडिकेयर एवं रिसर्च सेंटर में प्रसव के बाद 25 वर्षीय महिला की मौत को लेकर गुरुवार रात भारी बवाल हुआ. इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतका के परिजनों ने शव को अस्पताल के मुख्य गेट पर रखकर पश्चिमी बायपास रोड को करीब चार घंटे तक जाम रखा। पुलिस, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के काफी समझाने के बाद देर रात 12 बजे जाम हट सका. घटना के बाद इलाके में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और प्रसव के दौरान मरीजों की सुरक्षा पर फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मृतका की पहचान मुरलीगंज थाना क्षेत्र के तिनकोनमा गांव निवासी रविंद्र कुमार की पत्नी पूजा कुमारी के रूप में हुई है. परिजनों ने बताया कि एक जुलाई को पूजा को प्रसव पीड़ा होने पर नायडू मेडिकेयर एवं रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था. भर्ती के समय हुई जांच में डॉक्टरों ने जच्चा और बच्चा दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताया और नॉर्मल डिलीवरी का भरोसा दिलाया था. दो जुलाई को प्रसव पीड़ा तेज होने पर डॉक्टरों ने परिजनों को ऑपरेशन कराने की सलाह दी. परिवार की सहमति के बाद ऑपरेशन किया गया. परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद कुछ देर तक मां और नवजात दोनों की स्थिति सामान्य थी. इसी बीच अस्पताल स्टाफ ने परिजनों को बाहर भेज दिया. परिजनों का कहना है कि उनके बाहर जाते ही पूजा की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. 
स्थिति गंभीर देखकर अस्पताल प्रबंधन ने प्राथमिक उपचार के बाद पूजा को बेहतर इलाज के लिए सहरसा रेफर कर दिया. सहरसा पहुंचने पर वहां के डॉक्टरों ने पूजा कुमारी को मृत घोषित कर दिया. वहीं नवजात शिशु की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. पूजा की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए. वे शव लेकर सीधे नायडू मेडिकेयर पहुंचे और रात करीब 8 बजे अस्पताल के मुख्य गेट के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. देखते ही देखते पश्चिमी बायपास रोड पूरी तरह जाम हो गई। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. परिजनों की मांगें थीं कि इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और स्टाफ की तुरंत गिरफ्तारी की जाए. नायडू मेडिकेयर एवं रिसर्च सेंटर को तत्काल सील किया जाए. पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. जाम की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दल बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे. 
बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया. जनप्रतिनिधियों के आश्वासन और प्रशासन की समझाइश के बाद रात 12 बजे परिजन जाम हटाने को तैयार हुए. मृतका के पति रविंद्र कुमार ने जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने दोषी डॉक्टरों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है. इस पूरे मामले पर नायडू मेडिकेयर एवं रिसर्च सेंटर प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. अस्पताल के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मीडिया से बात नहीं की है. इस घटना के बाद मधेपुरा जिले में निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रसव के मामलों में अक्सर पहले नॉर्मल डिलीवरी का भरोसा देकर बाद में ऑपरेशन के लिए दबाव बनाया जाता है. स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं.
(रिपोर्ट:- सुनीत साना)
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