मधेपुरा
सदर अस्पताल के पैथोलॉजी में अपनी जान जोखिम में डाल कर खून जांच करनेवाले स्टाफ को कोरोना से बचने के लिए कोई सुरक्षा नहीं दिया गया है. जिससे लैब टेक्नीशियन और अन्य स्टाफ को खून लेते समय और अस्पताल में ड्यूटी करने में डर बना रहता है.
लैब टेक्नीशियन प्रभाष कुमार ने बताया कि उनको अस्पताल प्रशासन की ओर से मात्र एक मास्क प्रतिदिन दिया जाता है. उसके अलावे उन्हें न तो सेनिटाइजर और न ही कोई सुरक्षा मिली है जिसके कारण वे जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करने को मजबूर हैं. उन्होंने बताया कि उनकी जान हमेशा खतरे में है.
कोरोना कभी भी किसी की जान ले सकता है. लैब टेक्नीशियन श्री कुमार ने कहा कि वे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में प्रतिदिन कम से कम एक दर्जन से अधिक लोगों का खून जांच करते हैं. मालूम हो कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात में सम्पूर्ण भारत को सम्पूर्ण लॉकडाउन किया है.
जो सरकारी ड्यूटी में हैं उन्हें सम्पूर्ण सुरक्षा के साथ ड्यूटी करने के लिए कहा है. उन्हें अपने शरीर को हमेशा ढंककर काम करने के लिए कहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को कोरोना से बचने के लिए साधन उपलब्ध नहीं कराना सदर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है.
डीएस डॉ. डीपी गुप्ता ने बताया कि उन्हें जितना संसाधन मिला है उसके अनुसार व्यवस्था की जा रही है. केवल आइसोलेशन वार्ड में तुरंत सम्पूर्ण सुरक्षा देनी थी वहां दे दिया गया है.
(रिपोर्ट:- रिपुराज आनंद)









